नई दिल्ली | 23 मार्च, 2026


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने भारत की रसोई के बजट और आपूर्ति श्रृंखला को हिला कर रख दिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बाधित होने के कारण भारत में एलपीजी (LPG) के आयात में भारी गिरावट आई है। देश में खाना पकाने वाली गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब एक अभूतपूर्व कदम उठाने पर विचार कर रही हैं।
क्या है नया प्रस्ताव?


मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियां अब घरों में इस्तेमाल होने वाले मानक 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर को पूरी तरह भरने के बजाय, उसमें केवल 10 किलोग्राम गैस भरकर सप्लाई करने की योजना बना रही हैं।
रणनीति के पीछे का मुख्य उद्देश्य
इस कदम का मुख्य लक्ष्य “राशनिंग” के जरिए उपलब्ध गैस को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचाना है।
 

समान वितरण: 14.2 किलो का एक सिलेंडर औसतन 35-40 दिन चलता है। यदि इसमें 10 किलो गैस दी जाती है, तो यह लगभग 25-30 दिन चलेगा, जिससे कम स्टॉक में भी ज्यादा उपभोक्ताओं को रिफिल मिल सकेगी।
* पैनिक बुकिंग पर रोक: स्टॉक कम होने की खबरों के बीच लोग ‘पैनिक बुकिंग’ कर रहे हैं। कम मात्रा की सप्लाई से सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करना चाहती है।
 

कीमतों में राहत: रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ताओं से केवल 10 किलो गैस की ही कीमत वसूली जाएगी, जिससे प्रति सिलेंडर तत्काल खर्च कम हो सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है महत्वपूर्ण?


भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है, और इस आयात का करीब 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह सभी जहाज ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ के संकीर्ण रास्ते से होकर गुजरते हैं। ईरान और अमेरिका के युद्ध ने इस मार्ग को असुरक्षित बना दिया है, जिससे भारत आने वाले कई गैस टैंकर या तो फंसे हुए हैं या उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
चुनौतियां और कार्यान्वयन


हालांकि यह योजना कागजों पर प्रभावी दिख रही है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा:
  सॉफ्टवेयर और वेटिंग सिस्टम: बॉटलिंग प्लांट में मशीनों को 10 किलो वजन के लिए फिर से री-कैलिब्रेट करना होगा।


  कानूनी प्रक्रिया: वजन और माप विभाग से इसके लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी।
  वितरण लागत: सिलेंडर की संख्या बढ़ने से वितरकों (Distributors) की डिलीवरी लागत बढ़ सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यदि अगले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति सामान्य नहीं होती है, तो इस ’10 किलोग्राम फॉर्मूले’ को जल्द ही पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *