17 जनवरी शनिवार 2026-27 बाड़मेर। आजादी के 78 वर्षों बाद भी सीमावर्ती गांवों में सरकारी बस सुविधा के अभाव को लेकर पत्रिका में 11 जनवरी को प्रकाशित समाचार ‘अंतिम नहीं, प्रथम का नारा कागजों में, सीमावर्ती गांवों में नहीं पहुंची रोड़वेज’ और 14 जनवरी को प्रकाशित ‘बॉर्डर की रोड़वेज को ऐसा लगा की कोरोना मिट ही नहीं रहा’ को आधार बनाकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम जयपुर को पत्र लिखकर पैरवी की है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र गडरारोड़ में परिवहन सुविधा की सुदृढता को लेकर नवीन रूट का निर्धारण कर सार्वजनिक परिवहन के बसों के संचालन की मांग रखी। भाटी ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र शिव का संपूर्ण गडरारोड़ उपखण्ड क्षेत्र सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण यहां परिवहन के साधन अत्यंत सीमित है। उपखण्ड गडरारोड़ की बड़ी आबादी दैनिक आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर है, लेकिन सार्वजनिक एवं निजी परिवहन सेवाएं अत्यंत अपर्याप्त हैं। आवश्यकताओं की तुलना में सेवा नाकाफी: वर्तमान में बाड़मेर से गडरा रोड मार्ग पर राजस्थान रोडवेज का सीमित संचालन हो रहा है, जो क्षेत्र की जनसंख्या, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों एवं मरीजों की आवश्यकताओं की तुलना में नाकाफी है। सीमित फेरों के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है तथा उन्हें निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। जोधपुर तक नहीं सीधा जुड़ाव: उन्होंने पत्र में लिखा कि बाड़मेर/जोधपुर से उपखण्ड गडरारोड़ के अंतिम छोर के गांवों तक सीधा रोडवेज बस रूट प्रारंभ न होने के कारण क्षेत्रवासियों को जोधपुर जैसे प्रमुख चिकित्सा, शिक्षा एवं व्यापारिक केंद्र तक पहुंचने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मांग के पूरे होने से सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इन रूट के लिए मांगी एक फेरा बस: बाड़मेर-गडरा रोड़-रोहिड़ी से सुंदरा तक रोडवेज सेवाबाड़मेर-हरसाणी-गिराब-म्याजलार-ख्याला मठबाड़मेर-विशाला-फोगेरा-हरसाणी-झिंझिनियालीगडरारोड़-हरसाणी-शिव-भिंयाड़-फलसूण्ड-जोधपुर Post navigation 📰 लोकसभा चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने शुरू की बड़ी तैयारी 🗳️📱 “चुनावी साल में सोशल मीडिया और राजनीति: सच, प्रचार और जनता”